अम्बर की बातें

कुछ कविताएँ, कुछ अधूरी बातें
— जो कही नहीं जा सकीं
आलोक कुमार सिंह
'२६ ०१ ०८
अपनी गली में

आलोक कुमार सिंह

कवि
आलोक
1 अगस्त 2026 · संस्मरण

कुछ पाया — कुछ छूट गया

एक अगस्त की शाम थी, मैं घर में बैठा था और एक गीत अनायास ही मैंने यूट्यूब पर चला दिया…

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8 August 2026 · प्रेम

वो तुम हो, वो तुम हो, वो तुम हो

वो तुम हो, वो तुम हो, वो तुम हो

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6 अगस्त 2026 · संस्मरण

ऋषिकेश में पहाड़ों को तकते रहे

ऋषिकेश में पार्वती नदी, पहाड़ और हरियाली। शादी के बाद जीवन में छोटे-मोटे समझौते करने पड़ते हैं, जैसे नदियाँ पहाड़ों के हिसाब से अपना रास्ता बनाती हैं।

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