
एक अगस्त की शाम थी, मैं घर में बैठा था और एक गीत अनायास ही मैंने यूट्यूब पर चला दिया…
पढ़िए →वो तुम हो, वो तुम हो, वो तुम हो
पढ़िए →ऋषिकेश में पार्वती नदी, पहाड़ और हरियाली। शादी के बाद जीवन में छोटे-मोटे समझौते करने पड़ते हैं, जैसे नदियाँ पहाड़ों के हिसाब से अपना रास्ता बनाती हैं।
पढ़िए →अभी कुछ लिखा नहीं गया।