रचनाएँ

जो अब तक लिखा गया
1 अगस्त 2026 · संस्मरण

कुछ पाया — कुछ छूट गया

एक अगस्त की शाम थी, मैं घर में बैठा था और एक गीत अनायास ही मैंने यूट्यूब पर चला दिया…

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8 August 2026 · प्रेम

वो तुम हो, वो तुम हो, वो तुम हो

वो तुम हो, वो तुम हो, वो तुम हो

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6 अगस्त 2026 · संस्मरण

ऋषिकेश में पहाड़ों को तकते रहे

ऋषिकेश में पार्वती नदी, पहाड़ और हरियाली। शादी के बाद जीवन में छोटे-मोटे समझौते करने पड़ते हैं, जैसे नदियाँ पहाड़ों के हिसाब से अपना रास्ता बनाती हैं।

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6 अगस्त 2026 · संस्मरण

तस्वीरें कैद कर लेती हैं

तस्वीरें एक अरसे बाद की बड़ी मुस्कान को कैद कर लेती हैं, लेकिन हमेशा सच नहीं कहती। धुंधली यादों को साफ करती हैं तस्वीरें।

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6 अगस्त 2026 · प्रेम

ये इश्क़ बुरी कोई चीज नहीं

ये इश्क़ बुरी कोई चीज नहीं, जान देना इसमें नाकाफी है। अनसुलझे ख्याल में अक्सर याद बहुत वो आती है।

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6 अगस्त 2026 · संस्मरण

वैदिक बाल विद्यालय की यादें

1993-94 की बात है, तब स्कूल जाने की तत्कालीन उम्र 5 वर्ष हुआ करती थी तो पारंपरिक तौर पर अपने बुआ जी के विद्यालय में जाना होता था।

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